विद्युत विभाग की वर्कशॉप…. भयंकर अग्निकांड का हुआ शिकार

मुजफ्फरनगर। विद्युत विभाग की शामली रोड पर स्थित जिला स्तरीय परिवर्तक कार्यशाला में रविवार अल सुबह भयंकर अग्निकांड हो गया। इस घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट से उठी एक चिंगारी ने चंद घंटों में ही विद्युत विभाग के करीब 10 लाख रुपये के माल को राख करने में देर नहीं की। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग के अफसरों ने तेजी दिखाई और तीन जनपदों तथा पेपर मिलों से फायर टैंडर मंगाये गये। 11 फायर टैंडरों की मदद से दमकल विभाग ने करीब साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की सूचना से अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर विद्युत कार्यशाला के आसपास निवास कर रहे परिवारों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया। वहीं विद्युत विभाग के आला अफसरों ने भी कार्यशाला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फायर कर्मियों की मदद से अग्निकांड को और भयावह होने से बचा लिया गया, क्योंकि कार्यशाला में तेल का बड़े पैमाने पर भंडारण किया गया था।

शहर के शामली रोड पुलिस चौकी के पास ही पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. की विद्युत परिवर्तक मरम्मत कार्यशाला है। इसमें जिले भर से आने वाले क्षतिग्रस्त विद्युत परिवर्तकों की मरम्मत का कार्य किया जाता है। साथ ही विद्युत परिवर्तकों को तेल की सप्लाई के लिए भी यहां पर तेल का भंडारण होता है। इसके अलावा यहां पर नये विद्युत परिवर्तकों का भी स्टाक रखा जाता है। इसी कार्यशाला में स्क्रैप घोषित विद्युत परिवर्तकों का भी भंडारण होता है। रविवार की अलसुबह करीब पौने चार बजे विद्युत कार्यशाला के मरम्मत शेड से धुआं निकलते हुए देखा गया।

इसके कुछ देर बाद ही यहां पर आग की लपटें उठने लगी। इन लपटों ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और आकाश तक उठती आग की लपटों को देखकर आसपास निवास करने वाले परिवारों, राहगीरों और कार्यशाला में मौजूद सुरक्षा गार्ड की सांस थमती दिखने लगी। तत्काल ही लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। पुलिस चौकी पर रात्रि में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कमी भी मौके पर आ गये। फायर ब्रिगेड की टीम के पहुंचने तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इस कार्यशाला के पास ही घनी बस्ती होने के कारण लोगों में भी दहशत फैल गई थी। आग की सूचना मिलने पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने एसडीएम सदर परमानंद झा को मौके पर जाने के निर्देश दिये। एसडीएम सदर के साथ ही एसपी सिटी सत्यनारायपण प्रजापत भी फोर्स के साथ शामली रोड पहुंचे और बचाव कार्य तेजी के साथ शुरू कराया। वहीं एफएसओ आरके यादव और फायर कर्मियों ने सीएफओ प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में आग पर काबू पाने के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिये थे।

सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 4.20 बजे बिजलीघर में आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को मिली थी, 4.30 बजे टीम यहां पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास में जुट गई थी। आग भयंकर होने के कारण पहले तो बिन्दल पेपर मिल और विभागीय सब स्टेशन जानसठ, बुढ़ाना तथा खतौली से फायर टैंडरों को मंगाया गया। नगरपालिका से भी पानी के टैंकर मंगाये गये। इसके अलावा सहारनपुर, शामली और मेरठ से भी फायर टैंडर मंगाये गये। उन्होंने बताया कि टीम को आग बुझाने के लिए दस बजे तक मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद भी आग सुलगती रही। आग बुझाने के लिए 11 फायर टैंडरों का प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि संभवतः आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है।

हालांकि जांच के बाद ही सही तथ्य सामना आ पायेगा। आग की भयावहता के कारण आसपास के लोगों में भी दहशत फैलने लगी थी। सवेरे ही एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने पुलिस फोर्स के साथ आसपास के मकानों को खाली कराकर वहां निवास कर रहे लोगों को बाहर सुरक्षित निकाला। इसके लिए पुलिस कर्मियों को कई गलियों में भागदौड़ करनी पड़ी। वहीं आग बुझाने के लिए फायर कर्मियों को विद्युत कार्यशाला का गेट भी कटर से काटना पड़ा। बाद में क्रेन मंगाकर विद्युत परिवर्तकों को हटवाते हुए नीचे सुलग रही आग को भी बुझाने का काम किया गया। सीएफओ ने बताया कि विद्युत ट्रांसफार्मरों में तेल होने के कारण आग को बुझाने में काफी समय लगा। यही कारण रहा कि आग बार बार सुलगती रही।

आग लगने की सूचना पर विद्युत विभाग के मुजफ्फरनगर जोन के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल, निदेशक तकनीकी मेरठ नन्द किशोर मिश्रा, अधिशासी अभियन्ता कार्याशाला खण्ड अभिषेक सिंह, अधीक्षण अभियंता नगरीय खण्ड संजय शर्मा, अधिशासी अभियंता वितरण अनूप सिंह, उपखण्ड अधिकारी महावीर चौक रितेश्वर बंधु, शामली रोड बिजली घर के अवर अभियन्ता दिलीप कुमार और विद्युत कार्यशाला के अवर अभियन्ता पियूष कुमार, विभागीय लिपिक अनिभव गोयल उर्फ मोन्टू सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गये थे। मुख्य अभियंता और निदेशक तकनीकी ने कार्यशाला में हुए नुकसान का जायजा लिया। इस सम्बंध में निदेशक तकनीकी मेरठ नन्द किशोर मिश्रा ने बताया कि अग्निकांड के कारण विभागीय स्तर पर करीब 8 से 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि अभी सही आकलन किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि इस आग की चपेट में शामली रोड बिजलीघर भी आ सकता था, लेकिन हम ईश्वर का आभार जता रहे हैं कि ज्यादा बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया है।

अधिशासी अभियन्ता कार्यशाला अभिषेक का कार्यालय हुआ राख, रिकॉर्ड भी जला
मुजफ्फरनगर विद्युत कार्याशाला में लगी आग के कारण अधिशासी अभियन्ता कार्यशाला का पूरा कार्यालय ही राख हो गया। कार्यशाला के जिस यार्ड में आग लगी, उसके प्रथम तल पर अवर अभियन्ता का कार्यालय है। शेड से उठती आग की लपटों ने उनके कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया। यहां पर लगे एयर कंडीशनर, अलमारियां और उसमें रखा रिकॉर्ड भी जलकर नष्ट हो गया। इसके साथ ही फर्नीचर और अन्य सामान भी जल गया। यहां पर भी दरवाजा तोड़कर अंदर तक आग को बुझाने का काम किया गया।

अधिशासी अभियन्ता कार्यशाला खण्ड अभिषेक सिंह ने बताया कि रविवार सुबह लगभग पौने चार बजे कार्यशाला के मरम्मत यार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना हुई, जिसमें शेड के अंदर रखे क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर एवं कुछ मरम्मत शुदा ट्रांसफार्मर जल गए। फायर कर्मियों की बदौलत शीघ्र ही आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कार्यशाला में अंदर रखे हुए मरम्मत शुदा परिवर्तक के लिए नई सामग्री, नये विद्युत ट्रांसफार्मर, ऑयल, काफी संख्या में मरम्मत शुदा परिवर्तक एवं स्क्रैप सामग्री को सुरक्षित बचा लिया गया।

निदेशक तकनीकी ने दिये विभागीय स्तर पर भी जांच कराने के निर्देश
मेरठ से आये विद्युत विभाग के निदेशक तकनीकी नन्द किशोर मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला में अग्निकांड को लेकर अभी यही माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है, लेकिन इसके लिए विभागीय स्तर पर भी कारणों को सामने लाने के लिए जांच कराई जायेगी। इस जांच में ही कार्यशाला में आग के कारण नुकसान का सही आकलन हो पायेगा। नये विद्युत परिवर्तक पूरी तरह से सुरक्षित बचा लिये गये हैं, जिससे नुकसान ज्यादा न होने की संभावना है।

उन्होंने दमकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि आग और भी विकराल हो सकती थी, लेकिन उसको काबू करने में तेजी दिखाई गई। कार्यशाला में ड्रमों में बड़े पैमाने पर तेल का भंडारण किया गया था। इसके साथ ही नये विद्युत परिवर्तक भी काफी संख्या में यहां पर रखे थे, लेकिन गनीमत रही कि इनको फायर कर्मियों के साथ विभागीय कर्मचारियों ने त्वरित बचाव कार्य शुरू करते हुए बचा लिया और आग के प्रभाव से दूर कर दिया। उन्होंने सीएफओ और एफएसओ के साथ ही उनकी टीम की प्रशंसा की।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी पल-पल लेते रहे अपडेट
विद्युत कार्यशाला में लगी आग के बाद जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी बेहद संवेदनशील नजर आये। वो लगातार ही अग्निकांड को लेकर अधिकारियों से अपडेट लेते रहे। उन्होंने विद्युत विभाग के अफसरों से सम्पर्क बनाये रखा तो मदद के लिए एसडीएम सदर परमानंद झा को तड़के सुबह ही मौके पर भेज दिया गया था और आग पर तेजी से काबू पाने के लिए जिलाधिकारी ने अपने स्तर से भी फायर ब्रिगेड को पूरी मदद की, बहुत ही तेजी से दूसरे जिलों से फायर टैंडर यहां मंगवाये गये। हर संसाधन का प्रयोग किया गया।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा की इसी कार्यशैली की विद्युत अफसर भी चर्चा करते रहे। बता दें कि जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा यहां तैनाती से पूर्व पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ में एमडी रहे हैं। जिलाधिकारी के रूप में यहां विद्युत विभाग के गोदाम में उनके कार्यकाल का यह दूसरा अग्निकांड है। इससे पहले अपै्रल 2023 में सुजड़ू गांव में विद्युत विभाग के गोदाम में भी सुबह के समय आग लगी थी, जिसमें करोड़ों रुपये का सामान जल गया था, इस आग का कारण तेज हवा को माना गया था। दमकल विभाग की टीम को चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। विद्युत निगम की पश्चिमांचल एमडी चेत्रा वी व जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी।

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