एंटी करप्शन टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में संविदा कर्मी अरविंद कुमार किया गिरफ्तार, जबकि उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा हुए मौके से फरार

बरेली। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने एक शिकायत मिलने पर शाहदाना बिजली उपकेंद्र पर गोपनीय छापामार कार्रवाई कर एक रिश्ताखोर संविदा कर्मी को घर दबोचा। रिश्वतखोरी में उपखंड अधिकारी शाहदाना गौरव शर्मा भी शामिल थे, इसलिए छापा टीम ने उपखंड अधिकारी और संविदा कर्मचारियों पर मामला दर्ज कराया है।

शुक्रवार दोपहर एंटी करप्शन टीम प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सान्याल के सहयोग से ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार अपने अन्य सदस्यों के साथ शाहदाना उपकेंद्र पहुंचे। जहाँ पर दस एमवीए संबंधी कर्मियों की कार्य चल रहा था। ज्यादा भीड़ होने के कारण आरोपित की पहचान नहीं हो पा रही थी। किसी तरह टीम ने संविदा कर्मी अरविंद कुमार और गौरव सक्सेना को चुपचाप उठा लिया… बाद में पता चला कि गौरव सक्सेना एक संविदा कर्मचारी भी है, जबकि रिश्वतखोरी की शिकायत उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा के खिलाफ है। टीम ने तुरन्त गौरव सक्सेना को छोड़ दिया।

बिजली बिल सही कराने के नाम पर हुई थी वसूली-
एंटी करप्शन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारादरी के नवादा शेखान निवासी राकेश कुमार का बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया था। राकेश पर करीब डेढ़ लाख रुपये का बकाया था। उन्होंने ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) के तहत 1.10 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए उपखंड अधिकारी से एनओसी मांगी थी। आरोप है कि शाहदाना उपकेंद्र के एसडीई गौरव शर्मा ने कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी अरविंद कुमार के जरिये राकेश से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। राकेश कुमार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। पिछले दिनों ओटीएस आने पर पूरी बकाया राशि जमा करा दी गई। इसकी रसीद उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा ने नहीं दी। आरोप है उपखंड अधिकारी ने अपने खास चहेते संविदा कर्मचारी अरविंद कुमार के माध्यम से 20 हजार रूपए मांगे थे, शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय में दी, शिकायत मिलने पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई।

लगातार बढ़ रही हैं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें-
यह दूसरी घटना है कि शहर के दो प्रमुख उपखंड क्षेत्रों के उपखंड अधिकारी रिश्वतखोरी में फंसे हों। मामला दर्ज होते ही फरार भी हो गए। पहला ऐसा मामला सुभाषनगर क्षेत्र में हुआ रिश्वतखोरी में आरोपित राम जगत वर्मा अभी भी फरार है। दूसरा मामला शाहदाना उपखंड क्षेत्र में हो गया। जिसमें भी उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा फरार हो गए।

उपखंड अधिकारी शर्मा अभियंता संघ क्षेत्रीय सचिव-
उपखंड अधिकारी शाहदाना गौरव शर्मा अभियंता संघ में क्षेत्रीय सचिव पद पर हैं। श्री शर्मा ने यह पद भी अधिशासी अभियंता रंजीत चौधरी के ट्रांसफार्मर के बाद पाया था। श्री शर्मा कुतुबखाना उपकेंद्र पर भी रहे, वहां भी तमाम शिकायतें रहती थीं। लेकिन अधीक्षण अभियंता नगर के कृपापात्र होने के चलते मलाईदार उपखंडों पर तैनात होते रहे। बताया जाता है कि शाहदाना उपकेंद्र क्षेत्र में अधिकांश पुराना शहर आता है। उपकेंद्र से पोषित ज्यादातर इलाकों में चेकिंग के नाम पर जमकर वसूली, पकड़कर छोड़ देना… जैसी तमाम शिकायतें संबंधी अफसरों तक पहुंचीं, लेकिन मामले रफा-दफा कर दिए गए। यही स्थिति बिल संसोधन, मीटर बदलने, नया कनेक्शन देने आदि मामलों में जमकर वसूली होने की शिकायतें लगातार बनी हुई थीं। जिसका परिणाम यह हुआ कि बिल संसोधन आदि मामलों में उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा आखिर फंस ही गए और उन पर मुकदमा भी दर्ज हो गया।

संविदा कर्मी धरा… जबकि उपखंड अधिकारी मौके से हुए फरार-
शुक्रवार दोपहर टीम ने योजनावद्ध तरीके से रिश्वतखोर बिजली कर्मियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. शाहदाना उपकेंद्र के अंदर और बाहर टीम सदस्य तैनात थे। उपकेंद्र पर ट्रांसफार्मर पर काम चल रहा था। इसलिए काफी भीड़-भाड़ थी। रिश्वतखोर कर्मचारियों को चिन्हित तो कर लिया गया, लेकिन उनको रंगे हाथ पकड़ना मुश्किल हो गया। लेकिन संविदा कर्मी अरविंद कुमार रिश्वतखोरी के हजार रुपए लेते पकड़ लिया गया। गौरव नाम का एक संविदा कर्मचारी भी था, इसलिए गलतफहमी के चलते उसे भी पकड़ लिया गया। जबकि शिकायत उपखंड अधिकारी गौरव शर्मा के खिलाफ थी। बाद में संविदा कर्मी गौरव सक्सेना को छोड़ दिया गया। छापा कार्रवाई की जानकारी लगते ही उपखंड अधिकारी शाहदाना गौरव शर्मा मौके से फरार हो गए।

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