ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, पेयजल संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त
चांदनपुर/इकदिल (इटावा)। भरथना ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुशगवा बादशाहपुर में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। गांव में पिछले करीब एक सप्ताह से बिजली न आने के कारण समरसेबल पंप, घरेलू मोटर और सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे हजारों लीटर पानी की आपूर्ति रुक गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी और घरेलू जरूरतों के लिए दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की उदासीनता का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है। एक तरफ पेयजल संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों की फसलें भी सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। समरसेबल लाइनें बंद होने से सिंचाई कार्य पूरी तरह प्रभावित है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इकदिल एसडीओ से संपर्क किए जाने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान जल्द कराया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह आश्वासन पिछले कई दिनों से मिल रहा है, जबकि जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि जब बिजली विभाग को समस्या की जानकारी है, तो एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल क्यों नहीं हो सकी? क्या ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए इसी तरह परेशान होना पड़ेगा?
UPPCL MEDIA का सवाल
- आखिर एक सप्ताह से गांव अंधेरे में क्यों?
- पेयजल संकट की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- किसानों की सूखती फसलों का नुकसान कौन भरेगा?
- शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी क्यों?







