1.35 करोड़ खर्च के बावजूद नहीं हटीं हाईटेंशन लाइनें, समयसीमा खत्म—बिजली विभाग कटघरे में
बहराइच जिले में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। जिले के करीब 160 स्कूलों में छात्र-छात्राएं आज भी हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे हर पल हादसे का खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इन लाइनों को हटाने के लिए विभाग को करीब 1.35 करोड़ रुपये का बजट भी उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर काम अधूरा पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के 135 स्कूलों में बिजली लाइनों को हटाने या शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। तय समयसीमा फरवरी में ही समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभागीय सुस्ती के चलते अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। कई स्कूलों में ट्रांसफार्मर तक स्कूल परिसर के बेहद करीब लगे हुए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जब बजट स्वीकृत हो चुका था तो फिर काम पूरा क्यों नहीं किया गया। यह सीधे-सीधे विभाग की उदासीनता और जिम्मेदारी से बचने का उदाहरण है।
विभागीय अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। सवाल यह उठता है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग जागेगा?
UPPCL MEDIA की मांग:
स्कूलों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, ताकि मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ न हो।








