मीटर कहीं और का, संयोजन कहीं और का…. लेसा की प्रारम्भिक जांच में हुआ खुलासा

लखनऊ। बिजली विभाग का फर्जीवाड़ा से नाता छूट नहीं रहा है। काकोरी के बिजली उपभोक्ताओं के घरों में जो मीटर लगे थे। विभागीय दस्तावेजों में अधिकांश मीटर मलिहाबाद व नादरगंज डिवीजन को इश्यू किया गया था। इसका खुलासा मंगलवार को एक दैनिक अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद लेसा की प्रारम्भिक जांच में हुआ है।

लेसाकर्मी बनकर जालसाजों ने काकोरी के न्यू जनता विहार कॉलोनी में लगभग एक दर्जन लोगों के यहां गलत तरीके से मीटर लगाकर कनेक्शन दे दिया। साथ ही सीलिंग सर्टिफिकेट भी थमा दिए गए, लेकिन बिजली बिल नहीं आया तो परेशान उपभोक्ताओं ने जेई, एसडीओ से शिकायत की। जिस पर फर्जी मीटर बताकर जूनियर इंजीनियर ने कनेक्शन कटवा दिया। इससे गुस्साएं लोगों ने पिछले दिनों पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को लिखित ज्ञापन सौंपा।

वहीं बिजली उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए एक दैनिक समाचार पत्र ने ’जालसाजों ने गलत ढंग से मीटर लगाकर बांट दिए बिजली कनेक्शन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को संज्ञान में लेकर मध्यांचल विद्युत निगम के प्रबन्ध निदेशक भवानी सिंह ने मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद अधिशासी अभियंता (परीक्षण) ने सात उपभोक्ताओं के मीटर की जांच की। इसमें चार मीटर नादरगंज डिवीजन (सेस-प्रथम) और एक मीटर मलिहाबाद (सेस-चतुर्थ) डिवीजन के जूनियर इंजीनियर को इश्यू हुआ था। बाकी दो मीटरों की जांच अभी की जा रही है।

जूनियर इंजीनियर की भूमिका की जांच होगी
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश कनेक्शन वर्ष 2019 से 2021 में सौभाग्य योजना के तहत बांटे गए थे। ऐसे में संबंधित जूनियर इंजीनियरों की भूमिका भी जांच की जा रही है। वहीं मध्यांचल विद्युत निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने एक्सईएन (टेस्ट) से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

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