कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

पटना। कटिहार में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को निगरानी की टीम ने सोमवार की सुबह 16 लाख रुपये की रिश्वत लेते धर दबोचा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पटना के हरिचरण अपार्टमेंट गई निगरानी विभाग की टीम को घर में घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

अरविंद की पत्नी और बेटा भी शातिर निकले। खाकी वर्दी देखते ही अरविंद के बेटे ने फ्लैट नंबर-308 के दरवाजे बंद कर दिए और बाथरूम में जाकर नोटों के बंडल जलाने लगा। उसके फ्लैट के गेट पर पहले लोहा, फिर लकड़ी का दरवाजा है। अंदर से धुआं निकलते ही पूरे अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई।

आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने राइफल की बट से दोनों दरवाजों को तोड़ा और अंदर घुसे। वहां अरविंद की पत्नी और उसका बेटा जले हुए नोटों को कमोड में डालकर फ्लश कर रहे थे। दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

निगरानी की टीम ने बाथरूम को सील कर दिया और एफएसएल को सूचना दी। एफएसएल ने मौके से नोटों के जले टुकड़े बरामद किए हैं। इसमें कुछ कागजात के अंश भी मिले हैं। इसके अलावा एक झोला मिला है। अंदेशा है कि इसमें नोटों के बंडल रखे थे। कुछ दस्तावेज भी जलाने का अंदेशा है। एफएसएल की टीम राख इकट्ठा कर ले गई है। डीआइजी शंकर झा ने बताया कि साक्ष्य मिटाने और नोट जलाने के संबंध में स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

दोस्त बनकर साथ गए थे निगरानी के अफसर
अरविंद ने रिश्वत की रकम लेकर सड़क निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि निखिल को हरिचरण अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 401 में बुलाया था। निखिल की शिकायत के बाद निगरानी विभाग के एक अफसर सफेद शर्ट पहने दोस्त बनकर उनके साथ फ्लैट पर पहुंचे थे। इस पर अरविंद आग बबूला हो गया। उसने कहा कि मैंने अकेले आने को कहा था, फिर तुम किसी और को साथ लेकर क्यों आए? पहले इसे बाहर निकालो, तब कोई बात होगी।

अरविंद के झल्लाने पर निगरानी के पदाधिकारी बाहर चले गए। निखिल की शर्ट की बटन में माइक्रोफोन लगा था, जिससे अंदर की सारी बातें दूर खड़े निगरानी के अधिकारी सुन रहे थे। जैसे ही निखिल बाहर निकला कि निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया।

फ्लैट नंबर 401 के कमरे से मिली शराब
निगरानी की टीम फ्लैट 401 में घुसते ही अरविंद को पकड़कर बाथरूम में ले गई। एक जग पानी में अरविंद के हाथ डाले गए। पानी और हाथ दोनों ही लाल हो गए, क्योंकि उसने निखिल से जो रुपये लिए थे, उस पर केमिकल लगा था। पकड़े जाने के बाद अरविंद ने बताया कि उसका एक फ्लैट ठीक नीचे तीसरी मंजिल पर (फ्लैट संख्या 308) है।

निगरानी के अधिकारियों ने उसे परिवार से मिलने की अनुमति दे दी। जैसे ही अरविंद के बेटे ने पिता के साथ पुलिस को देखा, उसने दरवाजा बंद कर लिया। बाद में पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी।

83 लाख की रिश्वत की मांग की थी, किस्त में ले रहा था घूस
जानकारी के मुताबिक इंजीनियर अरविंद कुमार ने काम देने के बदले में 83 करोड़ रुपये के प्रोजक्ट के लिए 83 लाख रुपये घूस की मांग की थी। जिसमें से आज सुबह प्रोजेक्ट के लिए घूस के तौर पर पहली किस्त के रूप में वह 16 लाख रुपये कैश ले रहा था। इसी दौरान निगरानी की टीम ने उसके घर पर धावा बोला और रंगे हाथ इंजीनियर को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।

एमएलसी अशोक अग्रवाल ने कहा कि मेन्टेन्स काम के एवज में इंजीनियर ने उनसे 83 लाख रिश्वत मांगी थी। कार्यपालक अभियंता ने 16- 16 लाख के क़िस्त में रुपया मंगा था। इसकी शिकायत उन्होंने निगरानी से की थी। उन्होंने कहा कि रिश्वतखोर पदाधिकारी का यही हश्र होना था।

निगरानी सूत्रों ने बताया कि टीम ने जैसे ही छापेमारी शुरू की, वैसे ही इंजीनियर के परिजनों ने घर में रखे कुछ रुपये भी जला डाले। हालांकि, कितनी रकम जलाई गई है, इसकी अभी जांच चल रही है। इंजीनियर कटिहार जिले में पथ निर्माण विभाग में तैनात हैं। छापेमारी के दौरान इंजीनियर के घर से करीब दो से ढाई करोड़ रुपए की बरामदगी की संभावना है। निगरानी की कार्रवाई अभी जारी है।

  • रिपोर्ट- यूपीपीसीएल मीडिया डेस्क

    हम सब जानते है कि मीडिया संविधान का चौथा स्तंभ के रूप में कार्य करती है। इसके साथ ही हमारा मानना है कि पत्रकार एक विपक्ष का का कार्य करती है। यूपीसीएल मीडिया नामक व्हाट्सप्प ग्रुप की शुरूवात ऊर्जा क्षेत्र के लिए समाचार संकलन का कार्य कर रहे कुछ पत्रकार, जिसमें प्रमुख रूप से अविजित आन्नद, वेद प्रकाश, रवि शर्मा व आकिब शामिल रहे, ने शक्ति भवन, लखनऊ परिसर में किया, उस समय किसी भी प्रकार को यह अंदाजा नहीं था, कि कुछ ही समय में यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प गु्रप विभाग में इतना लोक प्रिय हो जायेगा। यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प ग्रुप का विभाग में लोकप्रियता को देखते हुए आज यूपीसीएल मीडिया एक व्हाट्सप्प ग्रुप से एक कदम आगे वढ़ाते हुए समाचार क्षेत्र में भी कार्य करना प्रारम्भ किया। यूपीसीएल मीडिया ऊर्जा क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों या कर्त्तव्यों को देखते हुए प्रिंट/वेब संस्करण के रूप में कार्य प्रारम्भ की है। यूपीसीएल मीडिया में हम यही करने की कोशिश कर रहे है और बिना आप सभी के सहयोग के यह संभव नहीं है। अतः मैं गुजारिश करूंगा कि बिजली उपभोक्ता एवं ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारीयों के बीच बेहतर सामंजस्य के लिए हमारे साथ शामिल हो। आप सभी को मेरी शुभकामनाएँ !!

    OTHER UPPCL MEDIA PLATFORM NEWS

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    वाराणसी/लखनऊ | विशेष संवाददाता ऊर्जा विभाग में भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्युत सेवा आयोग की परीक्षा में कथित तौर पर “सॉल्वर” के जरिए…

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    लखनऊ/इटौंजा।इटौंजा के लुशैली गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट और बंधक बनाए जाने की घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। समाचार पत्रों…

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला गरमाया — जांच के घेरे में जेई और तकनीशियन, विभाग में मचा हड़कंप

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    स्मार्ट मीटर पर संग्राम: इटौंजा की घटना ने खोली समन्वयहीनता और अव्यवस्था की पोल

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी

    🔴 गोमती नगर में 400 KVA ट्रांसफार्मर चोरी — व्यवस्था पर सवाल, फील्ड इंजीनियरों की मेहनत पर विभागीय नीति भारी

    सीपीएफ पर दलाली का तंत्र! इलाज के पैसों पर ‘रेट कार्ड’ — कम दो तो फ़ाइल ठंडी, ज़्यादा दो तो फ़ाइल गरम

    सीपीएफ पर दलाली का तंत्र! इलाज के पैसों पर ‘रेट कार्ड’ — कम दो तो फ़ाइल ठंडी, ज़्यादा दो तो फ़ाइल गरम

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    ⚡ शमशाबाद में खंभा कट गैंग का तांडव – 33 केवी लाइन पर चली आरी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल

    Protected: जानकीपुरम ज़ोन के जीपीआरए उपकेंद्र में नियमों की खुलेआम धज्जियाँ, वर्षों से चल रहा था ‘डुअल जॉब’ का खेल
    WhatsApp icon
    UPPCL MEDIA
    Contact us!
    Phone icon
    UPPCL MEDIA
    Verified by MonsterInsights