परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी, नाले की सुरक्षा व बिजली व्यवस्था की जांच की मांग
नोएडा। सेक्टर-58 क्षेत्र में इंजीनियर आर्यन की करंट लगने से हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से जांच प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्यन सड़क किनारे स्थित नाले की स्लैब टूटने अथवा धंसने के कारण नाले में गिर गए। बताया जा रहा है कि उस समय नाले में विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराए जाने के बाद आर्यन को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि खुले और असुरक्षित नाले तथा विद्युत व्यवस्था में कथित लापरवाही के कारण एक युवा इंजीनियर की जान चली गई। लोगों ने संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। शिकायत दर्ज होने के बाद नाले के रखरखाव, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा, नागरिक सुविधाओं के रखरखाव और विभागीय जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।








