हरदोई में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। एक तरफ लाइनमैन की ड्यूटी के दौरान करंट से मौत, दूसरी तरफ हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मजदूर की जान—दोनों घटनाएं सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा कर रही हैं।
⚡ लाइनमैन की मौत: सटडाउन के बावजूद चालू हुई सप्लाई?
देहात कोतवाली क्षेत्र के नयागांव शाह आलमपुर निवासी रिजवान, जो एक आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से तत्यौरा उपकेंद्र पर लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे, गुरुवार शाम फाल्ट ठीक करने पोल पर चढ़े थे।
परिजनों का आरोप है कि:
- जेई के निर्देश पर विधिवत सटडाउन लिया गया था
- इसके बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई
- करंट लगने से रिजवान पोल से गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई
यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रोटोकॉल फेल्योर का गंभीर मामला माना जा रहा है।
⚠️ परिजनों का आरोप: “रंजिशन चालू कराई गई लाइन”
मृतक के भाई ने साफ आरोप लगाया कि:
- जेई और एसएसओ ने जानबूझकर आपूर्ति चालू कराई
- यह एक सिस्टमेटिक नेग्लिजेंस नहीं बल्कि संभावित आपराधिक लापरवाही है
गुस्साए परिजनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने आश्वासन देकर मामला शांत कराया, लेकिन सवाल अभी भी कायम हैं।
🏗️ दूसरी मौत: हाईटेंशन लाइन के नीचे काम कर रहा था मजदूर
हरियावां क्षेत्र के मोहनपुरवा निवासी सुमित की मौत भी बिजली करंट से हुई:
- निर्माणाधीन मकान के पास से गुजर रही थी हाईटेंशन लाइन
- सरिया उठाते समय लाइन से संपर्क हुआ
- करंट लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
यह घटना स्पष्ट करती है कि सेफ्टी क्लियरेंस और साइट इंस्पेक्शन की भारी कमी है।
🔎 UPPCL पर बड़े सवाल
इन दोनों घटनाओं ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं:
- क्या सटडाउन प्रोटोकॉल सिर्फ कागजों तक सीमित है?
- क्या फील्ड स्टाफ की सुरक्षा प्राथमिकता में नहीं है?
- हाईटेंशन लाइनों के पास निर्माण कार्य की अनुमति कैसे मिल रही है?
📢 यह महज हादसे नहीं—प्रशासनिक असफलता और लापरवाही की कीमत इंसानी जान से चुकाई जा रही है। अगर सटडाउन के बावजूद लाइन चालू हो जाती है, तो यह सिर्फ गलती नहीं, बल्कि क्रिमिनल नेग्लिजेंस की श्रेणी में आता है।
🧾 मांगें जो उठ रही हैं
- दोषी जेई और एसएसओ पर एफआईआर दर्ज हो
- मृतक परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी
- सभी उपकेंद्रों पर सख्त सेफ्टी ऑडिट
- हाईटेंशन लाइन के आसपास निर्माण पर तुरंत नियंत्रण








