प्रदेश में स्मार्ट मीटर और ओवरबिलिंग को लेकर बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों के बीच Yogi Adityanath ने कड़ा रुख अपनाया है। ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता स्वभाव से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल मिले तो वह भुगतान में पीछे नहीं हटता। इसलिए ओवरबिलिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🔴 मैदान में उतरेंगे मंत्री और अफसर
सीएम योगी ने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
- उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें
- जमीनी स्तर पर बिलिंग और सप्लाई सिस्टम की सच्चाई परखें
- लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करें
⚡ बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बिलिंग और भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के निर्देश दिए।
- उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराना अनिवार्य
- स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को भरोसेमंद बनाना प्राथमिकता
- शिकायतों के समाधान में देरी या पक्षपात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
📊 बिजली सेक्टर में तेज विस्तार, बड़ी चुनौती
बैठक में पेश आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2017 में 1.65 करोड़ उपभोक्ता → 2026 में 3.71 करोड़
- कुल 126% की वृद्धि
- 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके
- फीडर मीटरिंग में लगभग 95% प्रगति
तेजी से बढ़ते उपभोक्ता आधार के बीच विश्वसनीय सप्लाई और सही बिलिंग सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
🔧 तकनीकी सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सीएम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता को राहत देने के लिए सिस्टम मजबूत करना जरूरी है:
- ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया तेज की जाए
- बिजली पोल, केबल और इंस्टॉलेशन में गुणवत्ता से समझौता न हो
- अंडरग्राउंड लाइनिंग को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाए
- प्रिवेंटिव मेंटेनेंस को अनिवार्य बनाया जाए
🌾 ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
- 5 घर वाले मजरों तक भी विद्युतीकरण सुनिश्चित हो
- कृषि फीडर पृथक्करण और डबल सप्लाई सिस्टम लागू किया जाए
- ओवरलोडिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए
☎️ शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश
- 1912 कॉल सेंटर पूरी तरह सक्रिय रहे
- ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतों का त्वरित समाधान
- सिंगल विंडो सिस्टम को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए
☀️ सोलर और भविष्य की ऊर्जा पर फोकस
- पीएम सूर्य घर योजना के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर स्थापित
- 500 मेगावाट सोलर और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स को गति
- ग्रीन हाइड्रोजन और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
🧾 UPPCL MEDIA ANALYSIS
सरकार का संदेश साफ है—
👉 अब “गलत बिल” और “जबर्दस्ती कनेक्शन कटौती” का खेल नहीं चलेगा
👉 फील्ड स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी
👉 उपभोक्ता हित सर्वोपरि रहेगा
यदि आदेशों का सही पालन हुआ, तो यह कदम बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव ला सकता है। लेकिन असली परीक्षा अब फील्ड में होगी—जहां अक्सर आदेश फाइलों तक ही सीमित रह जाते हैं।







