लखनऊ | यूपीपीसीएल मीडिया विशेष रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र स्थित जुग्गौर में 49 KVA इंडस्ट्रियल कनेक्शन पर लंबे समय से चल रहे सुनियोजित बिजली चोरी के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है।

M/s Ajay Beverage Pvt. Ltd. (C/O अजय सिंह S/o मेवा लाल) के परिसर में EE (Meter), EE (11KV & LT), EE (Raid) एवं विजिलेंस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे नेटवर्क को रेड हैंडेड पकड़ा गया।


मौके पर जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मीटर की CT को पूरी तरह बायपास कर सीधे सप्लाई ली जा रही थी, जिससे वास्तविक खपत का बड़ा हिस्सा मीटर में दर्ज ही नहीं हो रहा था। इसके साथ ही मीटर बॉक्स और बॉडी सील को तोड़कर टेम्परिंग की गई थी और डिस्प्ले को डैमेज कर रीडिंग छुपाने की कोशिश की गई। B-Phase मिसिंग और करंट में भारी असंतुलन भी पाया गया, जो तकनीकी छेड़छाड़ का स्पष्ट संकेत है। जांच रिपोर्ट में साफ उल्लेख किया गया कि “All CTs Bypassed”, यानी पूरा मीटरिंग सिस्टम जानबूझकर निष्क्रिय किया गया था।

संयुक्त टीम ने मौके पर ही मीटर को जब्त (Brought-in) कर लिया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य सुरक्षित किए। इस कार्रवाई में इंo चन्द्रशेखर, इंo पवन वर्मा, इंo अजय प्रताप सिंह, इंo राजीव रंजन राय, विजय कुमार सिंह, शिव कुमार मौर्य, देवेंद्र नाथ यादव, ज्योति देवी, इंo आशीष कुमार शर्मा सहित विजिलेंस टीम शामिल रही।

मामले को गंभीर मानते हुए विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई है और लगभग 25 लाख रुपये के राजस्व नुकसान को बुक किया गया है। प्रारंभिक जांच यह भी संकेत दे रही है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जिससे विभाग को भारी वित्तीय क्षति पहुंची।

सबसे बड़ा सवाल इस पूरे मामले में M/s Intellismart (AMISP) Smart Meter Company के निजी कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत को लेकर खड़ा हो गया है। आरोप है कि वर्षों से तकनीकी हेरफेर कर विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया, जो बिना सिस्टम के अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं माना जा रहा।

यह मामला सिर्फ एक फैक्ट्री की बिजली चोरी नहीं, बल्कि मीटरिंग सिस्टम में गहरे स्तर पर फैले नेटवर्क और संभावित मिलीभगत का संकेत है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कार्रवाई केवल उपभोक्ता तक सीमित रहती है या जांच AMISP और सिस्टम के अंदर तक जाकर असली जिम्मेदारों को बेनकाब करती है।








