अमौसी ज़ोन के बाद अब गोमती नगर, मध्य क्षेत्र और जानकीपुरम ज़ोन जांच के दायरे में
अमौसी से उठी चिंगारी अब पूरे मध्यांचल में आग बन सकती है
जब किसी विभाग में “रिजेक्शन” नियम से ज्यादा संस्कृति बन जाए, तो समझ लीजिए समस्या फाइलों में नहीं, मानसिकता में है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में वर्षों से चल रही “Query और Reject” की परंपरा पर अब सवाल उठ खड़े हुए हैं। अमौसी ज़ोन में चली प्रशासनिक कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि शीर्ष स्तर पर धैर्य अब जवाब दे चुका है।
लेकिन सवाल है — क्या यह केवल एक ज़ोन की कहानी है? या फिर पूरे सिस्टम में कहीं गहरी जड़ें जमा चुकी प्रवृत्ति?
लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में लंबे समय से चल रही “रिजेक्ट संस्कृति” पर अब शीर्ष स्तर से सर्जिकल प्रहार शुरू हो गया है। अमौसी ज़ोन में हुई सख्त कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप है। सूत्रों का दावा है कि अब गोमती नगर, मध्य क्षेत्र और जानकीपुरम ज़ोन की फाइलें खुलनी तय हैं।
मुख्यालय के निर्देश पर निदेशकों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो बीते समय में अस्वीकृत (Reject) किए गए विद्युत संयोजनों की एक-एक फाइल की गहन जांच करेगी।🔎 “माइनर आपत्ति” या मनमानी?
🔍 “मामूली कारणों” पर रिजेक्शन? अब होगी सीधी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि निदेशकों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है जो प्रत्येक अस्वीकृत कनेक्शन की जांच करेगी।
यदि पाया गया कि—
- आवेदनों को तकनीकी “Query” में महीनों लटकाया गया
- मामूली आपत्तियों को आधार बनाकर संयोजन अस्वीकृत किए गए
- पुराने बकाए या अस्पष्ट कारणों को ढाल बनाया गया
यदि जांच में यह प्रमाणित हुआ कि वैध आवेदनों को अनावश्यक रूप से रोका गया, तो संबंधित अभियंताओं पर तत्काल प्रभाव से निलंबन (Suspension) की कार्रवाई हो सकती है।
⚖️ शक्ति भवन से दो टूक संदेश
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मा० ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
बिना ठोस साक्ष्य के किसी वैध आवेदक का कनेक्शन अस्वीकार करना या अनावश्यक उत्पीड़न करना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक के बाद विभागीय गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अब “Query प्रथा” के नाम पर फाइलें दबाने का खेल ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा।
🔥 कई ज़ोन पर लटकी जवाबदेही
सूत्र बताते हैं कि यह कार्रवाई केवल एक ज़ोन तक सीमित नहीं रहने वाली। यदि पैटर्न सामने आया तो व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल और कठोर कार्रवाई संभव है।
संदेश साफ है —
✔️ वैध आवेदन रोका तो जवाब देना होगा
✔️ मनमानी की तो कार्रवाई तय
✔️ उपभोक्ता उत्पीड़न पर शून्य सहनशीलता
मध्यांचल मुख्यालय से निकला यह संदेश अब ज़मीनी स्तर तक कितना असर दिखाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।








