नए बिजली कनेक्शन पर रिश्वतखोरी! 10 हजार लेते JE और निविदाकर्मी गिरफ्तार, विजिलेंस के जाल में फंसे दोनों
आगरा। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। आगरा के शमसाबाद स्थित विद्युत उपखंड कार्यालय में तैनात अवर अभियंता (JE) विनेश यादव और निविदाकर्मी लोकेन्द्र सिंह को विजिलेंस की ट्रैप टीम ने 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। नए बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ता से रिश्वत मांगे जाने के इस मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नए कनेक्शन के लिए मांगी गई थी रिश्वत
मामले के अनुसार, शमसाबाद के मोहल्ला टोला निवासी अर्जुन पुत्र रामसेवक ने अपने नए मकान में विद्युत कनेक्शन लेने के लिए 24 अक्टूबर को आवेदन किया था। आवेदन के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया था। इसके बाद आवेदक को अवर अभियंता विनेश यादव से संपर्क करने के लिए कहा गया।
आरोप है कि जब अर्जुन ने नए विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए जेई से संपर्क किया तो कनेक्शन पास कराने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। सरकारी व्यवस्था के तहत मिलने वाले बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान आगरा सेक्टर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
गोपनीय जांच के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच की। जांच में रिश्वत मांगने संबंधी आरोप सही पाए जाने के बाद सोमवार को ट्रैप कार्रवाई की गई।
विजिलेंस की टीम ने विद्युत उपखंड कार्यालय शमसाबाद में शिकायतकर्ता अर्जुन से 10 हजार रुपये लेते समय अवर अभियंता विनेश यादव और निविदाकर्मी लोकेन्द्र सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरकारी कार्यालयों में पोस्टर लगाकर भी दी गई थी चेतावनी
एसपी विजिलेंस राजकुमार के अनुसार, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में जागरूकता पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर विजिलेंस के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए थे, ताकि रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आम नागरिक शिकायत कर सकें।
इसके बावजूद बिजली कनेक्शन जैसे बुनियादी कार्य के लिए रिश्वत मांगने का मामला सामने आना विभागीय व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
बड़ा सवाल: बिना रिश्वत क्यों नहीं होते उपभोक्ताओं के काम?
बिजली का नया कनेक्शन लेना आम नागरिक का अधिकार है। इसके लिए निर्धारित शुल्क और विभागीय प्रक्रिया पहले से मौजूद है। ऐसे में यदि किसी उपभोक्ता को कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत देने का दबाव झेलना पड़ता है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।
सवाल यह भी है कि क्या विभागीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जानकारी नहीं रहती? क्या उपभोक्ताओं की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती है? विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी जवाबदेही तय होना जरूरी है।
रिश्वत मांगे तो इन नंबरों पर करें शिकायत
एसपी विजिलेंस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो बिना डर शिकायत दर्ज कराएं।
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विजिलेंस हेल्पलाइन: 9454401864
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विजिलेंस हेल्पलाइन: 9454404853
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सतर्कता मुख्यालय: 9454401866
UPPCL MEDIA की बात: बिजली कनेक्शन उपभोक्ता की जरूरत है, किसी अधिकारी या कर्मचारी की कमाई का जरिया नहीं। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए जिसमें आम उपभोक्ता को अपना जायज काम कराने के लिए रिश्वत देने की नौबत ही न आए।
अभी तक का अपडेट
खबर प्रकाशित
2 Nov, 10:59 pmनए बिजली कनेक्शन पर रिश्वतखोरी! 10 हजार लेते JE और निविदाकर्मी गिरफ्तार, विजिलेंस के जाल में फंसे दोनों आगर...
आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।
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