प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति की तस्वीर के दुरुपयोग पर होगी छह माह की कैद

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का मामला राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति समेत पीएमओ तक पहुंचा गया है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से लेकर पीएमओ ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। केंद्र सरकार छात्रों के साथ है। छात्रों की दिक्कतों का समाधान के साथ अगले हफ्ते तक बदलाव भी दिख सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, एआईसीटीई मुख्यालय के बाहर जेएनयू छात्रों के विरोध प्रदर्शन की गूंज राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से लेकर पीएमओ तक पहुंच गई है। दरअसल छात्र नए हॉस्टल नियमों के तहत फीस बढ़ोतरी के मुद़दे पर एक महीने से अधिक समय से कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार से संवाद चाहते थे, ताकि वे असमंजस दूर कर सकें। देशभर में जेएनयू छात्रों का विरोध सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग में रहा।

आम लोग भी प्रदर्शनकारियों के साथ जुड़ गए। क्योंकि इनमें दिव्यांग से लेकर आम छात्र शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, अगले हफ्ते तक यूजीसी की कमेटी नए हॉस्टल नियमों के ड्रॉफ्ट पर रिपोर्ट तैयार करेगी। क्योंकि मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक ने भी छात्र प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द समस्या का समाधान का आश्वासन दिया है।

उधर, सरकार भी आम छात्रों को नाराज नहीं करना चाहती है। सरकार भी मानती है कि कुलपति ने छात्रों से बात की होती तो यह मुद्दा कैंपस से सड़क तक नहीं पहुंचता।

  • रिपोर्ट- यूपीपीसीएल मीडिया डेस्क

    हम सब जानते है कि मीडिया संविधान का चौथा स्तंभ के रूप में कार्य करती है। इसके साथ ही हमारा मानना है कि पत्रकार एक विपक्ष का का कार्य करती है। यूपीसीएल मीडिया नामक व्हाट्सप्प ग्रुप की शुरूवात ऊर्जा क्षेत्र के लिए समाचार संकलन का कार्य कर रहे कुछ पत्रकार, जिसमें प्रमुख रूप से अविजित आन्नद, वेद प्रकाश, रवि शर्मा व आकिब शामिल रहे, ने शक्ति भवन, लखनऊ परिसर में किया, उस समय किसी भी प्रकार को यह अंदाजा नहीं था, कि कुछ ही समय में यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प गु्रप विभाग में इतना लोक प्रिय हो जायेगा। यूपीसीएल मीडिया व्हाट्सप्प ग्रुप का विभाग में लोकप्रियता को देखते हुए आज यूपीसीएल मीडिया एक व्हाट्सप्प ग्रुप से एक कदम आगे वढ़ाते हुए समाचार क्षेत्र में भी कार्य करना प्रारम्भ किया। यूपीसीएल मीडिया ऊर्जा क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों या कर्त्तव्यों को देखते हुए प्रिंट/वेब संस्करण के रूप में कार्य प्रारम्भ की है। यूपीसीएल मीडिया में हम यही करने की कोशिश कर रहे है और बिना आप सभी के सहयोग के यह संभव नहीं है। अतः मैं गुजारिश करूंगा कि बिजली उपभोक्ता एवं ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारीयों के बीच बेहतर सामंजस्य के लिए हमारे साथ शामिल हो। आप सभी को मेरी शुभकामनाएँ !!

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